आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब की मंडियों में गेहूं की फसल की सरकारी खरीद शुरू होने पर किसानों को हर मुमकिन मदद और सुविधाएं देने का भरोसा दिया है। पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार द्वारा पिछले चार सालों में कृषि के क्षेत्र में किए गए क्रांतिकारी सुधारों और मौजूदा खरीद सीजन की तैयारियों पर रोशनी डाली।
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किसान विंग के चेयरमैन महिंद्र सिंह सिद्धू ने कहा कि मान सरकार ने किसानों के लिए जो किया है, वह ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि सरकार बिना किसी जाति या धर्म के भेदभाव के 600 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है, जिसका फायदा किसान परिवारों को भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पहली बार किसानों को कृषि के लिए दिन में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिना रुकावट बिजली मिल रही है, जिससे उन्हें रात में खेतों में नहीं जाना पड़ रहा है। इसके अलावा गांवों के सरकारी स्कूलों का रूप बदलने से किसानों और मजदूरों के बच्चे अब ऊंची शिक्षा हासिल कर बड़े अधिकारी बन रहे हैं।
सिद्धू ने आगे कहा कि किसान विंग को पंजाब की 1896 अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों की खास जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसान विंग के पदाधिकारी सरकारी अधिकारियों से मिलेंगे ताकि यह पक्का किया जा सके कि किसी भी किसान को अपनी फसल बेचने में कोई दिक्कत न हो। उन्होंने आढ़तियों से अपील की कि वे फसल का सही तौल करें और समय पर ‘जे-फॉर्म‘ जमा करें। उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों के लिए पानी, बिजली और साफ-सफाई का पूरा इंतजाम होगा।
किसान विंग के महासचिव सतबीर सिंह बख्शीवाला ने पिछली सरकारों से तुलना करते हुए कहा कि पहले किसानों को मंडियों में तीन-चार रातें बितानी पड़ती थीं, लेकिन मान सरकार में फसल का उठान इतनी तेजी से हो रहा है कि किसान को मुश्किल से एक रात भी रुकना नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है और उठान प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि सरकारी खरीद आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल से शुरू हो गई है। खराब मौसम के कारण थोड़ी देरी हुई है, लेकिन आने वाले कुछ दिनों में खरीद और आवक में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा घोषित एक नए पायलट प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि खेतों के बीच में खंभों की समस्या को हल करने के लिए मुख्यमंत्री के पैतृक गांव सतोज से यह प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है, जिसे बाद में पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा।
नहर के पानी के मुद्दे पर पन्नू ने कहा कि जब मान सरकार ने शपथ ली थी, तब नहर का पानी सिर्फ़ 22% खेतों तक पहुंचता था, जिसे आज बढ़ाकर 88% कर दिया गया है। हमारा लक्ष्य इसे 90% से आगे ले जाना है। पिछली सरकारें सिर्फ़ ‘पानी के रखवाले‘ होने का दिखावा करती थीं, जबकि मान सरकार ने असल में नहर का पानी टेल तक पहुंचाया है। इससे न सिर्फ़ फ़सल की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ग्राउंडवाटर भी बचेगा। उन्होंने दोहराया कि मान सरकार का हर कदम पंजाब के किसानों और युवाओं को बचाने के लिए समर्पित है।
