पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। Punjab Police ने शंभू रेल ट्रैक धमाका मामले में मुख्य साजिश से जुड़े एक अहम आरोपी के करीबी सहयोगी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई SSOC अमृतसर, पटियाला पुलिस और CI पठानकोट की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुरजिंदर सिंह के रूप में हुई है, जो मुख्य आरोपी जगारूप सिंह का करीबी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, गुरजिंदर सिंह की भूमिका केवल शंभू रेल धमाके तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह सरहिंद रेल ट्रैक धमाके और मोगा CIA दफ्तर पर हुए ग्रेनेड हमले में भी शामिल रहा है।
इस मामले की जानकारी Gaurav Yadav ने साझा की। उन्होंने बताया कि आरोपी गुरदासपुर जिले के धारीवाल क्षेत्र का रहने वाला है और लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये सभी हमले विदेशी हैंडलर्स के इशारे पर किए गए थे, जिनका उद्देश्य पंजाब में अशांति फैलाना था। 27 अप्रैल को हुए शंभू धमाके की जांच के दौरान अब तक कुल पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
पुलिस के अनुसार, इस केस से जुड़े पहले के दो बड़े हमले—23 जनवरी को सरहिंद रेल ट्रैक धमाका और 7 नवंबर 2025 को मोगा CIA कार्यालय पर ग्रेनेड हमला—भी अब सुलझा लिए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी जगारूप सिंह (जो अब मृत है) ने अपने साथी गुरजिंदर सिंह के साथ मिलकर शंभू में इस वारदात को अंजाम दिया। दोनों आरोपी सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए अलग-अलग ट्रेनों से घटनास्थल पर पहुंचे और योजना को अंजाम दिया।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इन तथ्यों की पुष्टि की है। जांच में यह भी पता चला है कि इस पूरे नेटवर्क को मलेशिया में बैठे हैंडलर्स संचालित कर रहे थे, जिनके संबंध अमेरिका और पाकिस्तान में बैठे अन्य नेटवर्क से भी जुड़े हुए हैं।
Punjab Police ने दावा किया है कि इस मॉड्यूल का बड़ा हिस्सा उजागर कर लिया गया है और मामले में शामिल सभी लोगों को जल्द कानून के दायरे में लाया जाएगा। पुलिस ने दोहराया कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
